ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका का कार्यकाल पूरा हो गया है । अपने आखिरी वर्किंग डे से 2 दिन पहले ही उनकी मां का निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी दिन 10 फैसले सुनाए।
25 मई 1960 को जन्मे जस्टिस ओका ने अपने करियर की शुरुआत ठाणे जिला कोर्ट में अपने पिता जस्टिस श्रीनिवास डब्यू. ओका के चैम्बर से की। 29 अगस्त 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट के एडिशनल जज के तौर अपॉइंट हुए। नवंबर 2005 में उनकी नियुक्ति परमानेंट हो गई। 10 मई 2019 को ओका ने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। इसके बाद अगस्त 2021 में, वे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बने। मई 2025 में उनका कार्यकाल पूरा हुआ।
अपने रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले, जस्टिस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के पूर्व महासचिव अब्दुल साथर को जमानत दी। साथर 2022 में एक आरएसएस कार्यकर्ता श्रीनिवासन की हत्या के मामले में आरोपी थे। अपने फैसले के साथ जस्टिस ओका ने कहा था कि अलग विचारधारा रखना कोई अपराध नहीं है।

























